परिचय

कर्म ही धर्म, संगठन ही शक्ति

कर्मयोगी परिषद ट्रस्ट एक पंजीकृत सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था है, जिसकी स्थापना 2016 में हुई। हमारा कार्य सनातन मूल्यों पर आधारित समाज-संगठन, संस्कार-शिक्षा और परस्पर सहयोग के ढाँचे खड़े करना है।

हम मानते हैं कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी व्यवस्था है — कौन किसे जानता है, कौन किस पर भरोसा कर सकता है, और ज़रूरत पड़ने पर कौन किसके साथ खड़ा होता है। इसी व्यवस्था को आधुनिक साधनों से पुनर्निर्मित करना हमारा लक्ष्य है।

दृष्टि

एक ऐसा समाज, जो संगठित हो, आत्मनिर्भर हो, संस्कारित हो — और अपनी सांस्कृतिक विरासत को गर्व और ज़िम्मेदारी के साथ आगे ले जाए।

ध्येय

  • निर्देशिका-आधारित संगठन — हर मोहल्ले और व्यवसाय-वर्ग को एक विश्वसनीय नेटवर्क में जोड़ना
  • संस्कार-शिक्षा — बच्चों और युवाओं तक व्यावहारिक मूल्य-पाठ
  • सेवा और परस्पर सहयोग — अन्न, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार में सदस्य एक-दूसरे का सहारा बनें
  • नेतृत्व निर्माण — प्रशिक्षित, अनुशासित और जवाबदेह कार्यकर्ता-श्रृंखला

हमारे मूल सिद्धांत

सिद्धांतअर्थ
तथ्य-आधारितहम वही कहते हैं जो सत्यापित है।
विधि-सम्मतट्रस्ट का हर कार्य भारतीय कानून के दायरे में।
सकारात्मक संगठनहमारा आधार भय नहीं, सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता है।
व्यक्ति की जवाबदेहीहम किसी समुदाय पर सामूहिक आरोप नहीं लगाते; कर्म व्यक्ति का होता है।
पारदर्शिताहर दान की रसीद, हर कार्यक्रम का लेखा।

पंजीकृत नाम: KARMYOGI PARISHAD TRUST, धर्मार्थ ट्रस्ट, पंजीकृत कार्यालय H No-656, Udhan Pana, Kanjhawla, Kanjhawala, North West Delhi, Delhi – 110081। ट्रस्ट को दिया गया दान 80G के अंतर्गत कर-छूट योग्य है।

पंजीकरण, लेखा एवं अन्य विधिक विवरण अनुरोध पर उपलब्ध हैं। कृपया सम्पर्क करें।